Swing Trading Strategies in Hindi PDF Free Download

अगर आप भी स्विंग ट्रेडिंग करना चाहते हैं और आपके पास स्ट्रैटिजी नहीं है तो मैं आपको आज इस लेख में Swing Trading Strategies in Hindi के बारे में बताऊँगा | 

इस लेख में बताए गए सभी के सभी स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रैटिजी को आप best swing trading strategy in hindi के अंतर्गत रख सकते हैं | इस लेख में आपको अलग – अलग प्रकार की स्ट्रैटिजी तो मिलेगी ही पर उसके साथ – साथ मैं आपको Swing trading strategy pdf भी प्रदान करूंगा | 

वैसे जब आप स्विंग ट्रेडिंग की स्ट्रैटिजी खोजने के लिए जाएंगे तो आपको बहुत सारी स्ट्रैटिजी मिलेंगी जैसे कि – ब्रेकआउट स्ट्रैटिजी, moving average स्ट्रैटिजी, ema स्ट्रैटिजी इत्यादि | 

मैं आपको यह सभी के सभी स्ट्रैटिजी के बारे में तो बताऊँगा ही पर उसके साथ – साथ इन स्ट्रैटिजी से आपको कब और कैसे ट्रेड करना है, उसके बारे में भी बताऊँगा | 

तो चलिए एक – एक कर के सभी Swing Trading Strategies in Hindi के बारे में जानते हैं पर उसके पहले swing trading kya hota hai उसे जान लेते हैं |  

स्विंग ट्रेडिंग क्या है ? | Swing trading kya hai ?

स्विंग ट्रेडिंग एक ऐसे प्रकार की ट्रेडिंग हैं जिसमे आप शेयर को कम से कम 5 से 7 दिन और ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 दिन के लिए खरीदते हैं और जब आपको आपका टारगेट मिल जाता है तो उसे बेच देते हैं | वैसे मेरी माने तो स्विंग ट्रेडिंग को आपको शेयर को खरीद के ही करना चाहिए वह ज्यादा सही होगा | 

बहुत लोग स्विंग ट्रेडिंग को ऑप्शन एवं फ्यूचर में भी करते हैं जिसमे उनका उद्देश होता है कि वह कम से कम 4% से 5% का रिटर्न निकाल सकें | वैसे देखा जाए तो स्विंग ट्रेडिंग को एक प्रकार से टेंशन फ्री ट्रेडिंग भी कह सकते है क्यूँकी इसमे आपको हर समय शेयर चार्ट को देखने की जरूरत नहीं होती है | 

अब जब हमने यह जान लिया है कि swing trading kya hoti hai तो चलिए अब हम Swing Trading Strategies in Hindi के बारे में विस्तार से जानते हैं परंतु अगर आपको यह नहीं पता है कि स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुने तो उसके लिए आप हमारा लेख पढ़ सकते हैं | 

Swing Trading Strategies in Hindi

इस वाले खंड में हम आपको विभिन्न प्रकार की swing trading strategy in hindi के बारे में बताएंगे जिससे आप आसानी से स्विंग ट्रेडिंग कर पाएंगे | 

वैसे तो स्विंग ट्रेडिंग की बहुत सारी स्ट्रैटिजी हैं पर यहाँ मैं आपको उन स्ट्रैटिजी के बारे में बता रहा हूँ जो मैं खुद इस्तेमाल करता हूँ पर एक बात मैं आपको साफ कर देना चाहता हूँ – यह स्ट्रैटिजी सिर्फ अच्छे स्टॉक में काम करेंगी जिसका दाम 100 रुपये से ज्यादा हो न की किसी सस्ते शेयर में जो 1 – 2 रुपए का हो |

अगर आप इन स्ट्रैटिजी से स्विंग ट्रेडिंग करेंगे तो मैं आपको यह कह सकता हूँ कि आप इन स्ट्रैटिजी से अच्छा रिटर्न तो बना ही पाएंगे क्यूँकी सभी की सभी स्ट्रैटिजी Swing trading best strategy हैं | 

Swing Trading Breakout Strategy in hindi

Swing Trading Strategies in Hindi की यह हमारी पहली स्ट्रैटिजी है जो स्विंग ट्रेडिंग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली स्ट्रैटिजी है | 

ब्रेकआउट ट्रेडिंग एक ऐसे प्रकार की ट्रेडिंग है जो बहुत सारे ट्रेडर अपने इंट्राडे ट्रेडिंग, scalping ट्रेडिंग, शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग एवं विभिन्न प्रकार की ट्रेडिंग में इस्तेमाल करते हैं | 

ब्रेकआउट ट्रेडिंग में आपको ऐसे शेयर खोजने हैं जो अपने रेसिस्टेंस के पास पहुँचने वाले हों या फिर वह अपने ट्रेंडलाइन रेसिस्टेंस के पास हों फिर उसके बाद आपको उसमे ब्रेकआउट कैंडल का इंतज़ार करना है | 

ब्रेकआउट कैंडल एक ऐसे प्रकार की कैंडल होती है जो दिखने में काफी बड़ी होती है और उसमे वॉल्यूम की मात्रा भी पिछले कुछ दिनों के वॉल्यूम से बहुत ज्यादा होती है | ब्रेकआउट कैंडल दिखने में marubozu candle pattern की तरह ही दिखती है | 

ब्रेकआउट ट्रेडिंग आप 5 मिनट, 15 मिनट, 1 घण्टा, डेली, वीकली एवं monthly टाइम फ्रेम में कर सकते हैं, यह हर टाइम फ्रेम में काम करती है परंतु अगर आप इससे स्विंग ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको डेली टाइम फ्रेम में करना चाहिए | 

जब भी किसी शेयर में ब्रेकआउट हो तो सबसे पहले आपको यह देखना है कि वह कैसा रेसिस्टेंस है – हॉरिजॉन्टल (horizontal) रेसिस्टेंस है या ट्रेंडलाइन का तिरछा रेसिस्टेंस है | 

ऐसा मैं इसलिए बोल रहा हूँ क्यूँकी बहुत बार ब्रेकआउट के बाद शेयर प्राइस लगातार ऊपर ही जाने लगता है और कुछ समय वह अपने रेसिस्टेंस को वापस से retest करने के लिए आता है | 

मैंने अभी तक जीतने भी ब्रेकआउट वाले चार्ट देखे हैं उनमे से ट्रेंडलाइन वाले में प्राइस retest करने के लिए आता है और कुछ – कुछ horizontal रेसिस्टेंस में retest करता है और कुछ ब्रेकआउट के बाद शेयर प्राइस ऊपर जाने लगता है | 

अब बात आती है कि हम ब्रेकआउट ट्रेडिंग कैसे कर सकते हैं ?  jokes on share market in hindi

जब भी आपको रेसिस्टेंस के पास ब्रेकआउट होता हुआ दिखे तो उसके बाद आप अगले कैंडल का इंतज़ार करें और जैसे ही ब्रेकआउट कैंडल के ऊपर प्राइस जाए वैसे ही आप उसमे अपनी एंट्री कर सकते हैं और ब्रेकआउट कैंडल के लो का स्टॉप – लॉस रख सकते हैं | 

परंतु कभी – कभी ब्रेकआउट कैंडल का size बहुत ही बड़ा होता है और अगर आप उसके लो का स्टॉप – लॉस लगाएंगे तो आपका रिस्क – रिवार्ड सही नहीं बैठेगा तो ऐसे समय में आपको अपना स्टॉप – लॉस फिक्स रखना चाहिए जैसे – 

आप यह कर सकते हैं कि ब्रेकआउट कैंडल के हाई से 4% से 5% नीचे का स्टॉप – लॉस रख सकते हैं जिससे आपका रिस्क – रिवार्ड सही बैठ जाएगा | 

Swing Trading Strategies in Hindi PDF Free Download

Swing Trading ema Strategy

Swing Trading Strategies in Hindi की यह हमारी दूसरी स्ट्रैटिजी है जिसमे हम ema indicator की ट्रेडिंग स्ट्रैटिजी के बारे में जानेंगे और इस स्ट्रैटिजी में हम 10 ema का इस्तेमाल करेंगे | 

इस स्ट्रैटिजी को भी आप हर टाइम फ्रेम में इस्तेमाल कर सकते हैं और यह स्ट्रैटिजी ट्रेंडिंग मार्केट में बहुत ही अच्छे से काम करती है | 

तो चलिए अब जानते हैं कि कैसे हम इस स्ट्रैटिजी से ट्रेड कर सकते हैं | 

अगर आप इस स्ट्रैटिजी से स्विंग ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको डेली टाइम फ्रेम का इस्तेमाल करना है | सबसे पहले आपको ऐसे शेयर खोजने हैं जिनके शेयर प्राइस 10 ema के ऊपर हों | स्टॉक खोजने के लिए आप निफ्टी 100 के स्टॉक्स में इसे देख सकते हैं | 

जब आपको ऐसे शेयर मिल जाएँ जो 10 ema के ऊपर ट्रेड कर रहे हों फिर उसके बाद आपको उसमे लाल कैंडल का इंतज़ार करना है जो 10 ema के पास बने पर आपको यह ध्यान रखना है कि वह ema को छूए नहीं | 

जब आपको ऐसी कैंडल मिल जाए तो उसके बाद आपको एंट्री के लिए उस लाल कैंडल के हाई ब्रेक होने का इंतज़ार करना है, जैसे ही उस लाल कैंडल का हाई ब्रेक होता है वैसे ही आपको उसमे अपनी एंट्री कर लेनी है और उसी ema को स्टॉप – लॉस की तरह इस्तेमाल करना है | जैसे ही प्राइस ema को तोड़ती है वैसे ही आपको टारगेट या लॉस बुक कर लेना है | 

Swing Trading Pullback Strategy

Swing trading pullback strategy हमारी अगली स्ट्रैटिजी है जो Swing Trading Strategies in Hindi की सूची का भाग है |

इसमे आपको ऐसे शेयर खोजने हैं जो अपट्रेंड में हो या फिर डाउन ट्रेंड में हो | हिलहाल डाउन ट्रेंड में आप सिर्फ फ्यूचर और ऑप्शन ही कर सकते हैं एवं इंट्राडे भी | 

pullback ट्रेडिंग की बहुत सारी स्ट्रैटिजी हैं, इसके ऊपर जो हमने 10 ema वाली स्ट्रैटिजी दी है उसे भी pullback के अंतर्गत रख सकते हैं | इसके अलावा आप fibonacci retracement का भी इस्तेमाल कर सकते हैं pullback ट्रेडिंग के लिए | इसलिए अलावा आप 20 moving average का भी इस्तेमाल कर सकते हैं | 

fibonacci retracement टूल एक बहुत ही अच्छा तरीका है जिसकी मदद से आप स्विंग ट्रेडिंग कर सकते हैं | इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले चार्ट पर वह जगह खोजना है जहाँ से रैली हुई हो और जहाँ से शेयर प्राइस नीचे गिर रहा हो | 

फिर आपको fibonacci retracement टूल सिलेक्ट करना है और उसे नीचे से लेकर ऊपर तक बना देना है (रैली वाली जगह से टॉप प्राइस पर), फिर उसके बाद आपको 0.5 एवं 0.6 वाली जगह पर कोई बुलिश कैंडल बनने का इंतज़ार करना है | 

जब वहाँ पर बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बन जाए तो उसके बाद आपको उसमे अपनी एंट्री बना लेनी और उस बुलिश कैंडल के लो का स्टॉप लॉस लगा लेना है | तो चलिए अब हम अपनी अगली Swing Trading Strategies in Hindi के बारे में जान लेते हैं | 

Swing Trading Moving Average Strategy

Swing Trading Strategies in Hindi की यह हमारी अगली स्ट्रैटिजी है जिसमे हम simple moving average की स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रैटिजी के बारे में जानेंगे जिसे अगर Swing trading best strategy कहें तो गलत नहीं होगा | 

इस swing trading strategy in hindi में हमे 2, 20 – SMA (सिम्पल मूविंग ऐव्रिज) की जरूरत होगी और उसकी सेटिंग भी अलग – अलग होंगी | 

सबसे पहले आपको 20 sma के दो मूविंग ऐव्रिज लगा लेना है और उसकी सेटिंग को बदलना है | जब आप उसे चार्ट पर लगाते हैं तो उसकी सेटिंग में close की जगह पर एक sma में high चुनना है और दूसरे sma में low चुनना है | 

यह स्ट्रैटिजी ट्रेंडिंग स्टॉक्स में ही काम करेगी जो हाइयर – हाई और हाइयर – लो तरह के पैटर्न में चल रही हो | 

जब स्टॉक दोनों मूविंग ऐव्रिज से दूर हो तो आपको उसके शेयर प्राइस को इन दोनों मूविंग ऐव्रिज के पास आने का इंतज़ार करना है और जब वह आ जाए तो उसके बाद आपको बुलिश कैंडल बनने का इंतज़ार करना है और जैसे ही इस बुलिश कैंडल का हाई टूटता है वैसे ही आपको अपनी एंट्री बनानी है | 

इसमे आप स्टॉप – लॉस को 2 जगह पर लगा सकते हैं एक बुलिश कैंडल का लो और दूसरा नीचे वाला मूविंग ऐव्रिज | जैसे नीचे मूविंग ऐव्रिज टूटता है वैसे ही आप अपनी position क्लोज़ कर सकते हैं और स्विंग हाई को अपना टारगेट सेट कर सकते हैं | 

confirmation के लिए आप मूविंग ऐव्रिज के साथ – साथ दूसरे technical indicator का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि – RSI, supertrend इत्यादि | 

Swing Trading Strategies in Hindi निष्कर्ष

आज हमने इस लेख के माध्यम से विभिन्न प्रकार की Swing Trading Strategies in Hindi के बारे में सीखा है जिसमे हमने breakout swing trading strategy, ema strategy और pullback swing trading strategy के बारे में जाना | 

वैसे हमने आपको हर Swing trading strategy in hindi की फोटो भी प्रदान की हुई है, जिसकी मदद से आप इन स्ट्रैटिजी को आसानी से समझ सकें | यह सभी की सभी स्ट्रैटिजी best swing trading strategy in hindi हैं | 

अगर आपको Swing trading strategies in hindi से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल है तो आप उसे नीचे पूछ सकते हैं | आशा करता हूँ आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा | 

मेरा नाम कौशल कुमार है और मैं इस वेबसाईट का संस्थापक हूँ | मैं इस वेबसाईट के माध्यम से आप सभी को शेयर मार्केट की बारीक जानकारियों को बताना चाहता हूँ जिससे आप भी शेयर मार्केट से पैसे कमा सकें | मैं शेयर मार्केट में काफी समय से काम कर रहा हूँ और मेरा उद्देश है कि अपने अनुभव को आप तक पहुंचा सकूँ |

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